बौद्ध परिपथ

भारत एक ऐसा देश है जहां धार्मिक विविधता है। भारत के संपूर्ण इतिहास में धर्म का एक प्रमुख स्थान है। भारत की संस्कृति में विभिन्न धर्म का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत विश्व की चार प्रमुख धार्मिक परंपराओं का जन्म स्थान है, जिसमें हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, सिख धर्म, जैन धर्म है। बौद्ध धर्म के लोग अब भारत में कम रह गए हैं। परंतु उनके प्रमुख धार्मिक स्थल भारत में अभी भी विद्यमान है। जिसे एक परिपथ द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है बौद्ध परिपथ लुंबिनी नेपाल से प्रारंभ होकर वाराणसी, गया, संकिसा, कौशांबी, श्रावस्ती होता हुआ कुशीनगर में समाप्त हो जाता है। बौद्ध परिपथ का अर्थ है कि जहां-जहां गौतम बुद्ध ने अपने जीवन काल के कुछ महत्वपूर्ण वर्ष बिताए या जहां पर उनके जीवन को बदलने वाली कुछ घटनाएं घटित हुई वह आज बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है परंतु किसी भी व्यक्ति को इन स्थानों की यात्रा करना इतना सरल और सुखद नहीं है। यह स्थल एक दूसरे से बहुत दूर है एवं एक निश्चित पथ पर नहीं है, बल्कि भिन्न दिशाओं में है। साथ ही उचित परिवहन एवं जानकारी न होने के कारण जो भी तीर्थ यात्री विदेश से आते हैं वह सिर्फ वाराणसी एवं कुशीनगर तक ही पहुंच पाते हैं। श्रावस्ती, संकिसा आदि वह सरलता से नहीं जा पाते हैं। अतः सरकार के पर्यटन मंत्रालय को इस ओर ध्यान देते हुए उनकी सुविधाओं को और बढ़ाते हुए यात्रियों की यात्रा को सुखद बनाया जा सकता है जिससे वह अपने धर्म स्थलों को सुगमता से देख सकें।

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Kumud Poorvi

कुमुद इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पुरा छात्रा हैं। एम.एड. की शैक्षिक योग्यता। अनेक पुस्तको
एवं लेखों का प्रणयन। पर्यावरणीय जागरूकता एवं ग्रामीण क्षेत्र मे गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा
के प्रचार में रत।

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